बचपन की यादें

बचपन की यादें वो पल जो अब कभी लौट कर नहीं आने वाली। आखिर क्यों याद आते है? वो पल। जिनकी हम सब करना चाहते बातें। वो बचपन का पल,जिस पल में हम बड़े होने के सपने देखा करते थे। कि हम कब बड़े होंगे। और आज उस bachpan ki yaadein जब सच हो गई। … Read more बचपन की यादें

Depression: Ek kahani

आज हम एक ऐसे विषय पर बार करने जा रहे है,जो हमारे जीवन से इस कदर जुड़ गई है। कि हमें हमसे अकेला कर देती है। या कह सकते है कि वो हमारे सोच विचार को अब अपने वश में कर अपने हिसाब से हमें चलाने लगी है। वो है डिप्रेशन (depression) जिससे कभी ना … Read more Depression: Ek kahani

15 अगस्त पर शायरी, कविता और एक प्रेरणा।

15 अगस्त यानी हमारी आजादी का दिन (सन् 1947) में हम और हमारा देश अंग्रेजों की गुलामी से मुक्त हुए थे। इस आजादी के नाम पर 74 वर्षों से हम सब उत्साह के साथ मनाते आ रहे हैं। तब से आज तक हम अपनी आजादी का जश्न एक पर्व की तरह मनाते आ रहे हैं। सभी लोग अपनी अपनी खुशियां व्यक्त करने के लिए जश्न की हर मुमकिन कोशिश कर, इस दिन को यादगार बनाते हैं। तिरंगे की शान बढ़ाकर इस देश को महान बनाते है। एक छोटी सी शायरी और कविता के माध्यम से आजादी को अपने नाम किया है। अगर अच्छी लगे तो जय हिंद जरूर लिखें।

मोहब्बत करना है तो वतन की हवाओं से करो

उन हसीन कमरों में क्या रखा है

जो मज़ा जीने का हिन्द के तिरंगे में है

वो मेहबूब की बांहों में कहा रखा है

महसूस करना है तो हिंदुस्तान की मिट्टी को करो

उन बदनाम जिस्मो की राहों में क्या रखा है

15 अगस्त पर शायरी, कविता और एक प्रेरणा
                               जय हिन्द

15 अगस्त, कविता :- है भारत के वीर पुत्र

हे भारत के वीर पुत्र

इस धरती का उद्धार करो।

इस धरती का उपकार है तुझे पे,

इस धरती से तुम प्यार करो।

इस मिट्टी पर ही रहकर तू ,

इस मिट्टी को क्यों नहीं जाना है

जान ले अब, तू इस मिट्टी को

हिंदुस्तान ने तुझे अपना माना है ।

हे भारत के वीर पुत्र

इस धरती का उद्धार करो

लहराओ शान तिरंगे की,

इन तीन रंग को फैलाओ तुम।

चोथा चक्र हमारा है,

इस चक्र को बतलाओ तुम।

हे भारत के वीर पुत्र

शत्रुवो का संहार करो ,

इस देश में आगे बढ़ कर तुम,

इस देश की जय जयकार करो ।

हे भारत के वीरों तुम

इस धरती का उद्धार करो।

ना हिन्दू ना मुसलमान हूं,

मै तो एक हिंदुस्तान हू।

क्यों लड़ते हो जाट पात पर

क्यों इतना अभिमान है।

मंदिर मस्जिद के चक्कर में

खून कतल क्यों कर रहे हो

अल्लाह और राम का नाम लेकर

क्यों उनसे नहीं डर रहे हो ।

ना हिन्दू ना मुसलमान हू

हा में तो एक हिंदुस्तान हू।

ये वतन सिर्फ वतन नहीं ,

शान है हमारी ।

बुरी नजर डाली किसी ने तो,

जान भी कुर्बान है हमारी।

15 अगस्त पर शायरी, कविता और एक प्रेरणा
                              ये वतन

ये देश हमारा है और हम सब इसके वासी हैं। ये देश हमें किसी से भेदभाव करना नहीं सिखाता है। हिंदू हो, मुस्लिम हो,सिख हो, ईसाई हो या कोई और हो इसके पहले वो एक हिंदुस्तानी है। हिंदुस्तानी होकर भी लोगों को एक दूसरे से भेदभाव नहीं करना चाहिए। आज 15 अगस्त है हम सब गिले-शिकवे भूलकर मिल कर जश्न मानते है। और इस दिन को एक आजादी वाली सलामी देकर खुद को हिंदुस्तानी होने पर गर्व महसूस करें।

अगर आपको हमारी कविताएं पसंद आई तो लाइक, कमेंट और शेयर जरूर करें। भारत माता की जयकारा लगाकर इस 15 अगस्त देश की आजादी के अपने नाम करें। ऐसी ही कहानी, कविताएं पढ़ने के लिए बने रहे। dear-zindagi.com के साथ।

जय हिन्द।

अपना लक्ष्य goal तय कैसे? कर, अपनी कहानी खुद लिखे।

अपना लक्ष्य goal तय कैसे? कर, अपनी कहानी खुद लिखे

 

अपना लक्ष्य goal तय कैसे?
                   अपना लक्ष्य Goal

 

अपनी कहानी खुद लिखने के लिए जिस तरह तमाम लोग,जो आज के समय में succesfull है। उन्होंने किन कठिनाईयों का सामना कर एक लक्ष्य (goal) बनाकर आज, ये मुकाम हासिल किया है। कुछ उसी तरह आज हम मिलकर अपने कुछ समस्याओं पर बात करेंगेजो हमे एक बड़ा, यानी succesfull इंसान बनने में अड़चनें पैदा करती है। और हम उनसे हार मान कर अपना लक्ष्य (goal) पर से अपना ध्यान हटा देते है। तो इस विषय पर बात कर अपने लक्ष्य (goal) पर फोकस कैसे करे? ये बात हम मिलकर हल करेंगे। एक परेशानी जो हर इंसान के साथ होती है। जिसे अंग्रेजी में कहे तो गोल (goal) और हिंदी में कहे तो लक्ष्य। हर इंसान अपना लक्ष्य (goal) बनता है।

जिसे पूरा करने के लिए अपनी हर मुमकिन कोशिश करते है। लेकिन तमाम कोशिश के बाद भी क्यों वो गोल पूरा होते हुए भी नहीं हो पाता। हमे किसी प्रेरक विचार (motivational thoughts) से प्रभावित तो हो जाए लेकिन क्या हम समझते है? जो हम बनना चाहते है। सिर्फ हम अकेले नहीं बनना चाहते। हमारी तरह लाखो करोड़ों लोग है। जो हमारी तरह सोचते है,हमारी तरह उनका लक्ष्य (goal) होता है। मतलब ये है कि लाखों लोग है। जिन्होंने वही लक्ष्य बना रखा है। जो हमारा गोल है। हमारे माता पिता भी हमारे लिए कुछ सोचते है,कुछ हद तक उनकी सोच हमारी सोच बन जाती है। और फ़िर वो गोल

सभी के माता पिता अपने बच्चो के लिए अच्छा ही सोचते है। लेकिन बच्चो को वहीं करना चाहिए,जिसमें उनको मज़ा आता हो।जों काम वो बिना थके पूरे मज़े के साथ कर सके। जिसने हमें खुदको प्रेरणा (inspiration) मिले और काम को लेकर, करने से पहले सोचना ना पड़े। अगर आप किसी काम नहीं करना चाहते, तो सोचना पड़ता है।तो इससे आप पर दबाव पड़ेगा। फिर दूसरो से आपका कॉम्पटीशन जैसा माहौल बनने लगेगा,फिर स्ट्रेस (stress) जो दिमागी तौर पर बेकार कर देती है।

हमारे जीवन को बढ़िया बनाने के ये तीन – चार कैरियर विकल्प उपलब्ध है। (सांइस, कॉमार्स, आर्ट्स) ओर भी कुछ है। अगर आप साइंस साइट से या कामर्स साइट से निकलो तो हर कोई वहा से निकल कर सीधे जॉब के बारे में सोचता है। तो उन कैरियर में भी कॉम्पटीशन (compititione) बहुत ज्यादा बढ़ गया और जॉब तो मिलना जैसे दिमगा को डिप्रेस (depress) करने के बराबर है। और जहीर सी बात है कॉम्पटीशन के साथ टेंशन बढ़ेगी , स्ट्रेस बढ़ेगी , कंफ्यूज होंगे। फिर आप सोचते है की मैं करू या ना करू।

इसलिए खुद को ऐसे देखना चाहिए कि हर लक्ष्य (goal) एक रेस है और उसमे भागने वाले हम। मर्जी चाहें जितनी तेज भाग लो। आपसे तेज भागते हुए हजारों लोग नजर आ रहे है। ओर उनको देख आपको परेशान नहीं होना। अगर आंख खोल कर देखेगे तो क्या? वहा पर ये कंफ्यूज रहना चाहिए। कि मैं भागू इस रेस में या नहीं। समस्या यहां है,कि आप अपने सपने, लक्ष्य (goal) बनाने से पहले कुछ फंडामेंटल प्रश्न खुद से कभी पूछते ही नहीं है। यही सारी हमारी सारी परेशानी की जड़ है। अगर ये प्रश्न आप इस एक सही अवास्था (age) में पूछना खुद से शुरू कर दें। तो कुछ कमाल का हो सकता है। अगर हम अपने गोल की तरफ नहीं बढ़ पाते तो हम अपनी किस्मत को कोशने लगते है। और कहते है

कि उसकी लाइफ अच्छी , उसकी लाइफ बुरी है। लेकिन हम किस आधार पर अच्छी और बुरा कहते है ? हर इंसान के जीवन की एक कहानी (story) है। क्या हमारी ज़िन्दगी एक कहानी नहीं है। तो कैसी कहानी आपको देखने में या पढ़ने में मजा आता है। जाहिर सी बात है। इंट्रेस्टिंग कहानियों में मज़ा आता होगा। या फिर बोरिंग कहानी देखने में मज़ा आता है। बोरिंग कहनियां किसी को अच्छी नहीं लगती।

आप खुद सोचिए कोई पिक्चर देखने जाते है आप। और आपको वो पिक्चर अच्छी नहीं लगती,तो आप यही कहते है। कोई कहानी (story) बढ़िया थी ही नहीं। बस पिक्चर बना दिया है। मज़ा नहीं आया देखने में। जब आपको दूसरे की बनाई हुईं,कहानी नहीं अच्छी लगी,तो आप एक बार खुद पर नजर डालिए। कि आप अपने जीवन को किस दिशा में ले जा रहे। आप खुद की कहानी किस तरह बना रहे। लोगो को देख कर आपसे कुछ प्रेरणा (insipration) मिल रहा है। या लोग आपको अनदेखा करके चले जा रहे है। जैसे अपने उस पिक्चर को किया। जिसकी कहानी (story) आपको पंसद नहीं आयी। अगर आपको उस पर पिक्चर की तरह अपनी कहानी नहीं बनानी,तो इसके लिए हमें अपनी सोच की दृष्टि को बड़ा करना होगा क्योंकि हम सब की सोचने की शक्ति छोटी है।

थोड़ा सा अगर हम अपने देश के उद्देश्य से देखते है, तो देश में आज की तारीख (date) में क्या जरूरी है। कि जो दो तीन कैरियर विकल्प है जिसके पीछे करोड़ों लोग पहले से पड़े है। उसी में हम भी हिस्सा लेकर कॉम्पटीशन में आ जाएं। या फिर कुछ नए कैरियर विकल्प खोले। ऐसे विकल्प जिसमें लोगो को लगता है इसमें कुछ नहीं है। उसमें आप जाओ और लक्ष्य (goal) को सेट करो। ओर कुछ बेहतर, एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी (extra ordinary) करो। जो पॉपुलर (popular) कैरियर में गए, सौ लोग मिल कर कमा रहे है। वो एक तरफ आप अकेले कमाओ। फिर दुनिया एक तरफ ओर आप एक तरफ होंगे। ऐसा कुछ होना चाहिए। जिससे आप लोगो के लिए प्रेरक उद्धरण (motivational quotes), एक प्रेरणा (inspiration) बन सके।

ताकि उसको देख कर के यहां पर हजारों – लाखों लोग आए। तो यहां से कॉम्पटीशन कम होगा। और नए-नए विकल्प खुलेगे। लोग आपके लिए नहीं आप लोगो के लिए प्रेरणा विचार insipration ideas लाओ। इतना बड़ा अवसर (opportunity) है भारत (India) में जिसकी कोई हद नहीं। अब से ही लेकिन बंद दिमाग को खोलो। क्यों कि हर इंसान छोटी सी सोच को लेकर बड़ी कामयाबी (succes) को प्राप्त करना चाहता है। लेकिन जब वो नहीं कर पाता, तो डिप्रेशन (depression) जैसे बीमारी का शिकार भी ही जाता है। इसलिए सोचिए आपके पास कितना बड़ा अवसर है। और अपना दिमाग को सेट करिए। और खुदको को एक प्रेरणा की कहानी (Story of inspiration) बनाओ। और वो मुकाम हासिल करो,जिसके आप लायक है।

आज ये अवसर है,लेकिन आज के दस बीस साल बाद ये अवसर नहीं कॉम्पटीशन (comptitation) में तब्दील हो जाएगा। फिर लोग इसके पीछे भागने लगेंगे। आज आपके पास कई रास्ते है,जिसका आप फायदा उठा सकते है। बस आपको नजर उठा कर थोड़ा देखना है।

‌और जिसको हम दिल और दिमाग कहते है। एक तरीके से कहे सकते है उसको मन। कि मेरा मन कर रहा है की, मैं ये चीज करू। लेकिन मन तो कुछ भी कर सकता है। और मन कैसे काम करता है किसी को कुछ करते देख जिसे हम भी करने की ठान लेते है। और फिर कुछ पल तक जोश के साथ करते है वो काम। ओर फिर हार मान लेते है। इसलिए आप बात समझिये, ओर आज से ही खुदको थोड़ा वक्त देकर सोचिए। बाकी खुद में आप एक ज्ञाता है। बस आपको अपने नजर से देखना है,खुदको।

अगर आपको हमारे विचार पसंद आए ओर अच्छे लगे। जिससे आप कुछ खुदको के बारे में सोच पाए। तो एक लाइक (like) और कमेंट (comments) करके जरूर बताएं कि कैसा लगा आपको।ओर दूसरो तक शेयर (share) जरूर करे। शायद किसी को ऐसे विचार जी जरूरत हो। ओर ऐसे ही motivatiol कहानियां (stories), विचार (thoughts), शायरियां ,पोएट्री (poetry) पढ़ने के लिए बने रहिए हमारे साथ।

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