Depression: Ek kahani

आज हम एक ऐसे विषय पर बार करने जा रहे है,जो हमारे जीवन से इस कदर जुड़ गई है। कि हमें हमसे अकेला कर देती है। या कह सकते है कि वो हमारे सोच विचार को अब अपने वश में कर अपने हिसाब से हमें चलाने लगी है। वो है डिप्रेशन (depression) जिससे कभी ना कभी आप सब भी इसके चंगुल में फंसे होंगे। कुछ लोग इससे लड़ लेते है,तो कुछ लोग हार कर खुद को इसके हवाले कर देते है,यानी आत्महत्या (suicide) कर लेते है।

Depression
                 Depression : ek kahani

आत्महत्या , खुदखुशी (suicide) ये वो शब्द है जो कुछ इंसान अपनी निंजी ज़िन्दगी की समस्याओं से परेशान होकर अपनी सोचने और समझने की क्षमता को नकारात्मक की ओर झोकता जाता है। और जाने अनजाने में वो ऐसी गलती कर बैठता है। जिसका अंजाम उसके पूरे जीवन को बर्बाद कर देता है। और इस तरह एक अच्छा खासा इंसान डिप्रेशन (depression) में आकर आत्महत्या (suicide) का शिकार बन जाता है।

आत्महत्या (suicide) का अर्थ जैसे कि नाम से ही जान पड़ता है कि खुद से मरना या स्वयं से मर जाना। एक परेशान इंशान अपने जीवन में कुछ समस्यायों से इतना टूट जाता है कि उसके अगल बगल लोग होते हुए भी वो खुद को अकेला ही महसूस करता है। और अंदर ही अंदर घुटने लगता है। जैसे उसके जीवन में अब उसके परेशानी के अलावा कोई है ही नहीं ऐसा लगने लगता है। और सामने वाला इंसान भी इस बात पर गौर नहीं करता की कोई इंसान परेशानी में है,थोड़ा समय निकाल कर उससे बात की जाए।आज के समय में सब खुद में इतना क्यों मग्न हो गए है। की किसी की तकलीफ का पता ही नहीं चलता। हम इंसान इतना मतलबी हो गए है। कि हम दूसरों परेशानी पुछते तक नहीं। जिससे एक परेशान व्यक्ति अपने दुखों और तकलीफों को किसी से कहे नहीं पता। और अपने खुद के फैसले लेने में असमर्थ हो जाता है। और इसी के चलते एक ऐसा कदम उठा देता है।जो उसके संपूर्ण जीवन का विनाश पल भर में कर देता है।

ऐसे डिप्रेशन (depression) का शिकार आज कल के जवान युवा अधिकतर हो रहे है। ऐसी ही एक सच्ची घटना की कहानी एक लड़के की है। जिसे मै आपके सामने लेकर आया हूं। जिसके पास सब कुछ होते हुए भी वो इतना डिप्रेस हो गया। तो शुरू करते है, उस नौजवान की कहानी। एक लड़का जो अपनी ख्वाबों की दुनिया में मस्त चांद तारो की बाते खुद से करता। उन ख्वाबों से बाहर वो फिल्मों का दीवाना था। थोड़ा सा नादान थोड़ा सा शैतान। लेकिन था बहुत बुद्धिमान।

पढ़ाई में लगन कमाल का था,बुद्धि से तीव्र कुछ कर दिखाने का भरपूर साहस था,उसमे। उसने 12वीं की पढ़ाई खत्म कर एक अच्छे कॉलेज में दाखिला लेने के लिए अपनी पूरी मेहनत करने लगा। उसकी यही मेहनत इस कदर रंग लाई की उसने इंजीनियर (engineering) के क्षेत्र में पूरे देश में सातवां स्थान प्राप्त किया। ओर जाकर दिल्ली यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया। जो काफी जानी-मानी इंजीनियरिंग कॉलेजों में से एक है। वह अपनी पढ़ाई को लेकर काफी सीरियस था। इसी के चलते वो कॉलेज के अच्छे छात्रों में से एक था।ओर अपने और अपने प्रोफेसर के नज़रों में एक कमाल का छात्र था। उसने अपनी पढ़ाई से सभी के दिलों को जीत लिया था। पढ़ाई के साथ – साथ उसने अपने अंदर छुपी एक आग,अपनी हॉबी का भी कमाल दिखाना शुरू कर दिया। इसी तरह वो अपने कॉलेज का कल्चरल फेस्ट का इंचार्ज बन गया। और अपनी कला से डांस से सभी के दिलों पर राज करने लगा।

धीरे – धीरे पहला साल गुजरा,फिर दूसरा साल की शुरुवात। उसके अंदर उसकी कला की जो आग थी,वो दिन प्रतिदिन तेजी से भड़क रही थी। वो सोचने लगा कि,मुझे अपना जीवन एक सुपरस्टार कि तरह बनानी है। लेकिन उसके घर वाले चाहते थे। कि वो अपनी पढ़ाई पूरी कर एक अच्छी सी नौकरी करें। उसे भी यही लगता था,पहले। कि कॉलेज के बाद नौकरी और फिर खुशहाल जीवन और उसके सपने (जो अंतरिक्ष से जुड़े थे वहां शायद पूरा हो जाए पढ़ाई के बाद)। लेकिन उसके सोच अब इससे कहीं ज्यादा आगे निकाल चुकी थी। ‌धीरे-धीरे उसका दूसरा साल भी समाप्त हुआ। तीसरे साल की तैयारी शुरू हो गई।जो उसके भविष्य की कामयाबी की तीसरी सीढ़ी थी,इसके बाद उसकी ज़िन्दगी शायद कुछ और ही होती। लेकिन उसके अंदर का कलाकार जो अभी तक डांस और पिक्चरों को देखकर उनकी नकल किया करता था। वह उस नकल को अब एक रास्ता देना चाहता था। उसने सब कुछ छोड़ अपने दिल की सुनी। उसने अपनी पढ़ाई के तीसरे साल के आखिरी में अपनी पढ़ाई छोड़ दी। वह अपने दिल की आवाज को एक राह देने के लिए निकल पड़ा। और इसी के साथ उसने थिएटर करना शुरू कर दिया। डांस का शौक होने की वजह से उसने कई डांस के शो में भाग लिया। फिर उसे धीरे-धीरे सेलिब्रेटीज के साथ डांस करने का मौका मिलता रहा। वह एक बहुत अच्छा बैक स्टेज डांसर बन चुका था। उसने कई प्रसिद्ध सेलिब्रिटी के साथ डांस किया। एक दिन किसी डायरेक्टर की नजर उस पर पड़ी। और डायरेक्टर उसे नोटिस करने लगा। आखिरकार वो दिन आ ही गया। जिसके लिए उसने अपना सब कुछ छोड़ अपने दिल की बात सुनी थी। वो एक बहुत अच्छा छात्र था। जो पढ़ाई में बहुत अच्छा था। वह चाहता तो पढ़ाई पूरी करके एक अच्छा पैकेज लेकर अपना जीवन जी सकता था। लेकिन उसने इन सब को छोड़ अपने दिल की आवाज सुनी। इसीलिए वो दिन उसके जीवन सबसे खुशी का दिन था।

उस डायरेक्टर ने उसे बुलाया और एक टीवी सीरियल के लिए उसे कास्ट किया। जिसमें उसने एक अदभुत कलाकारी दिखाई। जिसकी वजह से उसे अलग-अलग जगह से ऑफर आने लगे। उसने दूसरे टीवी सीरियल को भी साइन किया। और अगले सीरियल ने जैसे उसका जीवन ही बदल दिया हो। इस सीरियल के तुरंत बाद उसे पिक्चरों का ऑफर आने लगा। जिसका इंतजार ना जाने उसे कब से था। इस तरह उसने अपना कदम पिक्चरों की दुनिया में रखा। धीरे-धीरे उसने कई पिक्चर में काम किया। उसकी एक्टिंग से काफी पूरा देश प्रभावित हो रहे थे। वह लोगों के लिए एक इंस्पिरेशन बन चुका था।

लेकिन कहते हैं ना जहां अच्छाई होती है वहां बुराई अपना डेरा जरूर डालती है। शायद उसकी कामयाबी से कुछ लोगों के दिलों को भा नहीं रही थी। उसे पिक्चर पर पिक्चर मिलती जा रही थी। जो दूसरों एक्टरों के मन में आक्रोश की भावना पैदा कर रही थी। उसने एक साथ कई सारी पिक्चर साइन की। इसीलिए कुछ लोग उसी इंडस्ट्री के मिलकर उसकी सारी पिक्चरें छीन ली। कभी गलत इंजाम लगाते,ती कभी उसे एक्टिंग के नाम पर गलत सलत बोलते। उसे इस बात से काफी दुख पहुंचा। जिसकी वज़ह से सदमा का शिकार होने लगा। उसके बारे में लोग काफी गलत बातें ओर गलत इल्जाम उसके लिए काफी असहनीय होता जा रहा था।

इसी वजह से वह बीमारी डिप्रेशन (Depression)की ओर जा रहा था। वह सोचता था, कि शायद आज से सही हो जाए सब कुछ। लेकिन उसके लिए समस्या बढ़ती जा रही थी।

शायद यह समस्या अब एक भयंकर रूप ले चुकी थी। उसकी परेशानी अब उसी पर हावी हो रही थी। उसके पास सब कुछ नाम,शोहरत और सब कुछ होते हुए भी उसे कुछ लोगों की वजह से वो अकेला होता जा रहा था। और यह परेशानी उसे अंदर ही अंदर उसे दिन प्रतिदिन खाती जा रही थी। इस कदर एक परेशान सुपरस्टार मासूम सा इंसान जो अपने दम पर एक ऐसा मुकाम हासिल किया। जिसका सब सपना देखते है।

वह सुपरस्टार सिर्फ कुछ लोगों की वजह से इतना परेशान हुआ,कि डिप्रेशन (Depression) उसे का शिकार हो गया, उसे कुछ समझ ही नहीं आ रहा था। और उसने अपना कदम एक गलत रास्ते पर बढ़ा दिया। उसने खुद को खुद से मुक्त कर दिया। उसने अपने घर में कमरे में पंखे से लटक कर खुदकुशी (suicide) कर ली।एक ऐसी परेशानी जो डिप्रेशन (depression) का रूप लेकर उसकी जान ले ली। आखिर क्यों किया ऐसा, उस इंसान ने। जिसके पास सब कुछ था। ऐसी जिंदगी जीने के लिए लोग सपने देखते हैं। उस जीवन से वह इतना परेशान हो गया कि उससे सहा ना गया और खुदकुशी (suicide) कर ली।

लेकिन क्या ये खुदकुशी (suicide) थी शायद नहीं बल्कि एक सोची समझी साजिश थी,जिसे उसी के इंडस्ट्री के लोगो ने मानसिक तौर पर उसे चोट पहुंचाया। जिसका दर्द उससे सहा ना गया,ओर उसने उन लोगो के इस गंदे से खेल को को अंजाम से दिया। क्या इंसान दूसरे की कामयाबी से इतना जल सकता है,की उसे अपने सिवा कुछ समझ ही ना आए। एक कामयाब इंसान जो अपने बलबूते पर एक सुपरस्टार बना,उसके सारे ख्वाब की शुरुवात होने से पहले ही लोगो ने तोड़ दिया। 3 इडियट्स का dailouge है ना।

दिमाग का प्रेशर नाप सके
बनाते तो पता चल जाता कि
ये सुसाइड नहीं मर्डर है सर।

—— 3 idiots

Suicide
                 Engineering- 3 Idiots

अब तक आप लोग समझ गए होंगे, कि ये कहानी किस नौजवान सुपरस्टार की है। ये कहनी उस (सुशांत सिंह राजपूत) की है। जो अपने दम पर ऐसा मुकाम हासिल किया। लेकिन शायद उसकी किस्मत का खेल कुछ अलग ही था। लेकिन आज पूरी दुनिया उसके लिए दुखी है। ये सिर्फ उस इंसान की बात नहीं है,जो डिप्रेशन(depression) में आकर गलत कदम उठा दिया।आज हमारे देश में ऐसे लाखो केसेज आ रहे है,जो कुछ परेशानियों की वज़ह से गलत कदम उठा लेते है,आज के युवा जो अपनी पढ़ाई की वज़ह से डिप्रेशन (depression) में चले जाते है।

कुछ पल दिमाग ए दर्द को रोक लिया होता,
कुछ पल अपनों से बोल लिया होता,
था दर्द इतना कि, छोड़ गए हमें (सुशांत)
एक पल के लिए ही अपने  दिल का दर्द
हमसे ठीठोल लिया होता।

RIP SUPERSTAR सुशांत सिंह राजपूत

Depression : ek kahani
         RIP SHUSHANT SINGH RAJPUT
जिसका भुगतान वो अपनी जीवन को खत्म करके करते है। दिन प्रतिदिन ऐसा हो रहा है। हमे इस डिप्रेशन (depression) नाम के बीमारी को जड़ से खत्म करना होगा वरना एक दिन ऐसा आएगा। कि परेशानियों के बोझ तले सब दब जाएंगे और फिर क्या होगा आप सब जानते है। हम दूसरो को परेशानी में क्यों डालते है, आखिर क्यों किसी की खुशी हमसे देखी नहीं जाती। क्यों उसके सुख में शामिल ना होकर उसके लिए परेशानियां ल देते है,ओर बाद में अगर वो बन्दा कुछ गलत कदम उठा देता है तो उस का दुख मनाते है। आखिर क्यों? अगर इस बात का जवाब किसी के पास हो तो प्लीज हमे बताए। और एक चीज किसी को दुखी देखकर उसका मज़ाक या परेशान करने बजाय उसकी हमे मदद करनी होगी। तभी हम सब इस डिप्रेशन (depression) नाम के बीमारी से खुद ओर दूसरो को बचा पाएंगे। अगर किसी को भी किसी भी तरह की परेशानी है, जो अपने परिवार या किसी से भी बता नहीं पा रहा है। वो हमसे बात कर अपने परेशानी को हल्का कर सकता है। क्युकी एक अंजान इंसान आपको जज नहीं करेगा आपकी तकलीफ को समझेगा ओर शायद कुछ सही सुझाव दे पाए। अगर किसी को भी अकेला महसूस लग रहा हो या कोई परेशानी तो जरूर बताएं। हम अपने साथ है ओर ये साथ शायद अब सब लोग एक दूसरे का जल्द ही निभाएंगे। और आप एक अच्छे एहसास के लिए हमारे साथ हमारे इंस्टाग्राम और Facebook Group पर हमसे जरूर जुड़े।

धन्यवाद्!

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